Coaxial Cable in Hindi (Overview)

Coaxial Cable in Hindi (Overview)
Coaxial Cable in Hindi (Overview)

What is Coaxial Cable in Hindi ?

Coaxial Cable एक प्रकार की तांबे की केबल होती है जिसे विशेष रूप से एक धातु ढाल और अन्य घटकों के साथ बनाया जाता है |यह मुख्य रूप से केबल टीवी कंपनियों द्वारा ग्राहक घरों और व्यवसायों के लिए अपने उपग्रह एंटीना सुविधाओं को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता है।

Characteristics of Coaxial Cable

  • coaxial cable का उपयोग आमतौर पर ट्रांसमिशन मीडिया द्वारा किया जाता है,
  • उदाहरण के लिए, टीवी तार आमतौर पर एक coaxial cable होता है।
  • केबल का नाम coaxial है क्योंकि इसमें दो कंडक्टर एक दूसरे के समानांतर होते हैं।
  • इसमें Twisted Pair केबल की तुलना में उच्च आवृत्ति है।
  • coaxial cable का आंतरिक कंडक्टर तांबे से बना होता है, और बाहरी कंडक्टर तांबे की जाली से बना होता है।
  • मध्य कोर गैर-प्रवाहकीय आवरण से बना होता है जो आंतरिक कंडक्टर को बाहरी कंडक्टर से अलग करता है।
  • डेटा ट्रांसफर करने के लिए मध्य कोर जिम्मेदार होता है जबकि कॉपर मेष EMI ( Electromagnetic interference) से बचाता है।

Structure of Coaxial Cables

यह तांबे से बना हुआ तार होता है जो की चार परतों में होता है। केबल का जो बीच का हिस्सा होता है वह पतली तार का बना हुआ होता है। इस तार को फिर प्लास्टिक की परत से ढक दिया जाता है।जो बाकी दो परत होती है वह मेश की होती है। उसके बाद जो सबसे ऊपर की परत होती है वह रबर की होती है। केबल का हर आखिरी भाग तांबे की पतली परत से निकला हुआ होता है जिसे हम बिजली के उपकरणों में लगाते हैं।

कोएक्सिअल केबल के फायदे (benefits of coaxial cable in hindi)

  • coaxial cable के निम्न लाभ है |
    • उत्कृष्ट शोर उन्मुक्ति
    • सिग्नल उच्च गति पर लंबी दूरी की यात्रा कर सकते हैं, उदा। 1 Km केबल के लिए 1 से 2 Gbps
    • एनालॉग और डिजिटल सिग्नल दोनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है
    • फाइबर ऑप्टिक केबल की तुलना में सस्ती है
    • स्थापित करने और बनाए रखने में आसान
    • डेटा को उच्च गति पर प्रेषित किया जा सकता है।
    • इसमें Twisted Pair केबल की तुलना में बेहतर परिरक्षण है।
    • यह उच्च बैंडविड्थ प्रदान करता है।

कोएक्सिअल केबल के नुकसान (disadvantages of coaxial cables in hindi)

  • यह भारी है।
  • इसकी मोटाई और कठोरता के कारण लंबी दूरी के लिए स्थापित करना महंगा है।
  • चूंकि पूरे नेटवर्क में सिग्नल ट्रांसमिशन के लिए सिंगल केबल का उपयोग किया जाता है, एक केबल में विफलता के मामले में पूरा नेटवर्क डाउन हो जाएगा।
  • सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इसे तोड़कर और इसके बीच में टी-जॉइंट (बीएनसी प्रकार) सम्मिलित करके समाक्षीय केबल को टैप करना आसान है।
  • हस्तक्षेप को रोकने के लिए इसे आधार बनाया जाना चाहिए।

कोएक्सिअल केबल के प्रकार ( Types of c in Hindi)

  • coaxial cable दो प्रकार के होते हैं
    • Thick net cable
    • Thin net Cable

थिन नेट

  • यह प्रथम Coaxial Cable है
  • इसकी Data transfer करने की दुरी 185 मीटर तक है
  • इसका Installation थोड़ा Easy था
  • यह लचीली-और कमजोर थी जिससे टूटने का ज्यादा डर रहता था
  • इसका Use Computer में मुख्यत Bus topology में किया जाता था
  • वर्तमान समय में इसका उपयोग Computer में अब नही होता है !

थिक नेट

  • यह Thick net Cable का एक update और विकसित रूप (Version) है
  • इसकी Data transfer करने की दुरी (Distance)500 मीटर तक है ! क्यों की इसमें inter connector के व्यास को बढ़ाकर shield और insulation को कम कर दिया गया जिससे signal ज्यादा दुरी तक strong होने लगे
  • वर्तमान में इसका प्रयोग Cable TV में किया जाता है !
  • इसका Installation थोड़ा Heard था और यह मोटी होने के कारण थोड़ी कठोर है ! जिस से इसके टूटने का डर नहीं रहता है

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