Switching Techniques in networking Hindi me

क्या आप जानते है Switching क्या होती है , बड़े नेटवर्क मे किन Switching Techniques का प्रयोग किया जाता है नेटवर्क के मध्य डाटा कैसे ट्रान्सफर होता है | आपके इस प्रकार के सभी सबाल के जबाब आज के लेख मे मिल जाएँगे

What is Switching Techniques in Hindi ?


What is Switching in Hindi ? | Switching kya hai ? | स्विचिंग क्या है


  • Switching एक पोर्ट से दूसरे पोर्ट पर Packet को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया है अर्थात Switching मे Data को बिभिन्न computer network के मध्य भेजा जाता है
  • जब डेटा किसी पोर्ट पर आता है, तो इसे इनग्रेस ( ingress ) कहा जाता है
  • जब डेटा पोर्ट को छोड़ता है या बाहर जाता है, तो इसे इग्रेश ( egress ) कहा जाता है।

Types of Switching Techniques in Networking


Computer Network मे Switching Techniques के प्रकार | types of Switching Techniques in Hindi


Computer Networking मे मुखयतः 3 प्रकार की Switching Techniques का use किया जाता है जोकि निम्नलिखित है

  • Circuit switching | सर्किट स्विचिंग
  • Packet switching | पैकेट स्विचिंग
  • Message switching | मैसेज स्विचिंग

What is Circuit Switching Techniques in Hindi ?


What is Circuit Switching in Hindi ? | Circuit Switching kya hai ? | Circuit Switching Technique in Hindi | सर्किट स्वीचिंग क्या है ?


  • Circuit Switching Technique , नेटवर्किंग मे Sender एवं Receiver के मध्य एक dedicated path स्थापित करती है
  • इस path को session के लिए manage किया जाता है
  • सर्किट-स्विचिंग एक  real-time connection-oriented system है
  • Circuit Switching तीन चरणों से होकर गुजरती है
    • circuit establishment
    • data transfer
    • circuit disconnect
  • सर्किट स्विचिंग का उपयोग सार्वजनिक टेलीफोन नेटवर्क में किया जाता है।
  • इसका use वॉयस ट्रांसमिशन के लिए किया जाता है।
  • Circuit Switching Technique मे एक निश्चित डाटा को ही एक बार मे ट्रान्सफर किया जा सकता है
Advantages Of Circuit Switching Techniques in Hindi

Advantages Of Circuit Switching in Hindi  | Circuit Switching ke laabh | सर्किट स्विचिंग के लाभ


  • इसमे communication channel dedicated होती है
  • इसमे fixed bandwidth का use किया जाता है
Disadvantages Of Circuit Switching Techniques in Hindi

Disadvantages Of Circuit Switching in Hindi  | Circuit Switching ke nukshaan | सर्किट स्विचिंग के नुकसान


  • एक बार dedicated path स्थापित हो जाने के बाद, डेटा ट्रांसमिशन की गति में एकमात्र देरी होती है।
  • एक कनेक्शन स्थापित करने के लिए एक लंबा समय ( लगभग 10 सेकंड )लगता है जिसके दौरान कोई डेटा send नहीं किया जा सकता है।
  • यह अन्य Switching Techniques की तुलना में अधिक महंगा है क्योंकि प्रत्येक कनेक्शन के लिए एक dedicated path की आवश्यकता होती है।
  • यह उपयोग करने के लिए अक्षम है क्योंकि एक बार जब पथ स्थापित हो जाता है और कोई डेटा स्थानांतरित नहीं होता है, तो पथ की क्षमता बर्बाद हो जाती है।
  • इस मामले में, कनेक्शन समर्पित है इसलिए चैनल मुक्त होने पर भी कोई अन्य डेटा स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है।

What is Packet Switching Techniques in Hindi ?


Packet Switching Technique in Hindi

What is Packet Switching in Hindi ? | Packet Switching kya hai ? | Packet Switching Technique in Hindi | पैकेट स्वीचिंग क्या है ?


  • Packet Switching Technique में संदेश को एक बार में भेजा जाता है, लेकिन इसे छोटे टुकड़ों में विभाजित किया जाता है, और इन्हें अलग-अलग भेजा जाता है।
  • इस तकनीक मे Message को छोटे छोटे Part मे devide किया जाता है जिनहे packet के नाम से जाना जाता है
  • प्रत्येक packet को एक Unique नंबर दिया जाता है जिससे उनकी पहचान की जा सके
  • सभी पैकेट अपने – अपने हेडर में source address, destination address and sequence number आदि की जानकारी रखते है ।
  • पैकेट सबसे छोटा रास्ता लेकर पूरे नेटवर्क मे travel करते है ।
  • सभी पैकेट अंत मे सही क्रम में reassembled होते हैं।
  • यदि कोई पैकेट गायब है या दूषित है, तो संदेश को पुनः भेजने के लिए message भेजा जाएगा।
  • यदि पैकेट का सही क्रम पहुंच गया है, तो acknowledgment message भेजा जाएगा।
Advantages Of Packet Switching Techniques in Hindi

Advantages Of Packet Switching in Hindi  | Packet Switching ke laabh | पैकेट स्विचिंग के लाभ


  • Cost-effective
  • Reliable
  • Efficient
Disadvantages Of Packet Switching Techniques in Hindi

Disadvantages Of Packet Switching in Hindi  | Packet Switching ke nukshaan | पैकेट स्विचिंग के नुकसान


  • Packet Switching Technique को उन Application में लागू नहीं किया जा सकता है जिनके लिए कम देरी और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं की आवश्यकता होती है।
  • एक Packet Switching Technique में उपयोग किए जाने वाले प्रोटोकॉल बहुत जटिल हैं और उच्च कार्यान्वयन लागत की आवश्यकता होती है।
  • यदि नेटवर्क अतिभारित या दूषित है, तो उसे खोए हुए पैकेटों के पुन: प्रसारण की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण सूचनाओं के नुकसान को भी जन्म दे सकता है यदि त्रुटियां नहीं हैं या पुनर्प्राप्त नहीं की गई हैं।

What is Message switching Techniques in Hindi ?


What is Message switching in Hindi ? | Message switching kya hai ? | Message switching Technique in Hindi | मैसेज स्वीचिंग क्या है ?


  • Message switching Technique में एक संदेश को एक पूर्ण इकाई के रूप में स्थानांतरित किया जाता है एवं इसको मध्यवर्ती नोड्स के माध्यम से रूट किया जाता है जहां पर इसे store और forward किया जाता है।
  • संदेश स्विचिंग तकनीक में, प्रेषक और रिसीवर के बीच एक dedicated path की स्थापना नहीं होती है।
  • destination address को संदेश में जोड़ा जाता है।
  • Message switching एक dynamic rout प्रदान करता है क्योंकि संदेश , संदेश में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर मध्यवर्ती नोड्स के माध्यम से रूट किया जाता है।
  • संदेश स्विच को इस तरह से प्रोग्राम किया जाता है ताकि वे most efficient routes प्रदान कर सकें।
  • प्रत्येक और प्रत्येक नोड, पूरे संदेश को संग्रहीत करता है और फिर इसे अगले नोड पर अग्रेषित करता है।
  • इस प्रकार के नेटवर्क को store and forward network के रूप में जाना जाता है।
Advantages Of Packet Switching Techniques in Hindi

Advantages Of Message switching in Hindi  | Message switching ke laabh | मैसेज स्विचिंग के लाभ


  • डेटा चैनल संचार उपकरणों के बीच साझा किए जाते हैं
  • ट्रैफ़िक की भीड़ को कम किया जा सकता है क्योंकि संदेश अस्थायी रूप से नोड्स में संग्रहीत होता है।
  • नेटवर्क को प्रबंधित करने के लिए संदेश प्राथमिकता का उपयोग किया जा सकता है।
  • संदेश का आकार जो नेटवर्क पर भेजा जाता है, विविध हो सकता है। इसलिए, यह असीमित आकार के डेटा का समर्थन करता है
Disadvantages Of Message switching Techniques in Hindi

Disadvantages Of Message switching in Hindi  | Message switching ke nukshaan | मैसेज स्विचिंग के नुकसान


  • संदेश स्विचेस को संदेशों को संग्रहीत करने के लिए पर्याप्त स्टोरेज से लैस किया जाना चाहिए, जब तक कि संदेश अग्रेषित न हो जाए।
  • संदेश स्विचिंग तकनीक द्वारा प्रदान की गई भंडारण और अग्रेषण सुविधा के कारण लंबी देरी हो सकती है।

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Indian History Notes in Hindi

source

  1. Wikkipedia
  2. JavaTPoint

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